Monday, August 15, 2011

लाल किला प्राचीर से आज आदरनीय प्रधानमंत्री जी का भाषण

जय हिंद 
               मित्रो , लाल किला प्राचीर से आज आदरनीय प्रधानमंत्री जी का भाषण सुना  , सुन कर अच्छा लगा की उन्होंने भ्रस्टाचार का जिक्र किया, महंगाई का जिकर किया , उनका संबोधन पूरी तरह से राजनितिक था , होना भी चाहिए क्योंकि वे राजनैतिक  व्यक्ति हैं ! आज कल अन्ना के अभियान के कारण सभी को वही सुनाई दिया , परन्तु प्रधानमंत्री जी एक और मुद्दे पर बोल रहे थे , जिस की ओर मेरा ध्यान गया , क्योंकि मैं एक किसान भी हूँ अतः मैं केवल वाही बात उठाना  चाह रहा हूँ , प्रधान मंत्री जी ने कहा कि किसान ने खाद्यान मैं रिकार्ड उत्पादन किया है अनाज, दलहन आदि खेत्रों मैं, हमें एक और हरित क्रांति की जरूरत है , तो श्रीमान जी भारत का किसान कई सालों से उत्पादन रिकार्ड ही कर रहा है परन्तु आप की सरकार महंगाई नहीं रोक पाई , ना ही किसान को महंगाई के हिसाब से उसकी फसल का मूल्य दे पाई , सरकार  से अधिक तो खुले बाज़ार मैं मिला , साथ ही खाद्यान की सुरख्या भी नहीं कर पाई ,अनाज गोदामों में सड़ गया , आपके मंत्री सुप्रीम कोर्ट की टिपण्णी का भी मखौल उड़ाते रहे और अनाज को शराब की फेक्टरी को बेचते रहे, ये उस अन्न दाता का अपमान है जो अपने खून को पसीने में बदल कर सभी की भूख मिटाता है, 
                                                                                                                                    जय हिंद 

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