जय हिंद
" रास्ट्रीय सलाहकार परिषद् " हमारे देश मैं एक गैर संबेधानिक महा शक्ति है , जिसकी सलाह ( आदेश) पर सर्कार एक एसा खतरनाक विधेयक लाने जा रही है जो कला कानून बन जाएगा जिसका नाम " सांप्रदायिक और लखित हिंसा अधिनियम है ! क्या है ये अधिनियम इस की जानकारी मैं आप को दूं ,
१- इस अधिनियम की धारा १ की उप धारा २ के अंतर्गत इस का प्रभाव पूरे देश मैं लागू होगा जिस की धारा ३ (ड़)के अनुसार 'समूह ' की परिभाषा दी है जी के अनुसार समूह का अर्थ है मुस्लिम व् ईसाई
२- अनुच्छेद ६ के अनुसार यदि सांप्रदायिक दंगों मैं "समूह" की किसी महिला के साथ दुराचार होता है तो वह अपराध है , समूह के अतिरिक्त किसी अन्य महिला पर किया गया बलात्कार अपराध नहीं
३- धारा ३(च) के अनुसारयदि सांप्रदायिक दंगों में अथवा सामान्य स्तिथि में "समूह" के व्यवसाय मैं बाधा पहुचती है या नुकसान होता है तो बाधा पहुचने वाला , समूह के कारोबार का बहिस्कार करने वाला , या समोह के द्वारा बनाई या बेचीं बस्तु को लेने या उपयोग करने से मना करने या तिरस्कार करने वाला अपराधी होगा
साथ ही यदि घंटा घड़ियाल , विवाह के समय बजने वाले वाध्य यंत्रों से ,शोभायात्रा ,सवारी आदि से "समूह" के किसी व्यक्ति को मानसिक अघात लगता है या चोट पहुँचती है तो उपरोक्त कार्य करने वाले को अपराधी मना जायेगा
बाक़ी आगे
No comments:
Post a Comment