Wednesday, June 22, 2011

Anna Ki Har Nahi Hai

नमस्कार मित्रो 
                         साझा समिति मैं अन्ना हजारे की बात को नहीं स्वीकार किया , इस की आशंका पहले भी मैंने व्यक्त की थी ! १६ अगस्त से अनशन की बात भी सरकार नहीं पचा पा रही है , इस लिए धमकी देने मैं लगे हैं सरकार के मंत्री , पर सोचने वाली बात यह है की लोकपाल बिल की बात हो या काले धन को सार्वजानिक कर उसे रास्ट्रीय संपत्ति घोषित करने की बात हो , जो इस पर कह रहे हैं की ये मांगें मानने लायक नहीं हैं , आव्यव्हारिक हैं वो इस लिए कह रहे हैं की सबसे अधिक वे ही इस से प्रभावित होने वाले हैं !कोई अपने पैरों पर कुल्हाडी क्यों मारेगा ,अपने धन को रास्ट्रीय संपत्ति क्यों होने देगा ! कहा जाता है की धन संपत्ति के लिए लोग अपनी जन पर खेल जाते हैं , ये तो दूसरों की जन से ही खेल रहे हैं !इस लिए यूं पी ए सरकार के मंत्री अपनी रानी , वजीर तथा प्यादों को बचने की अंतिम साँस तक कोशिश करेंगे , परतु हमें भ्रस्टाचार को मिटाना है तो पूरी ताकत लगनी होगी ,क्यों की अब नहीं तो शायद फिर दोबारा बहुत मुश्किल होगी , 
                                                                                                     जय हिंद 

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